गुरुत्वाकर्षण(Gravity) क्या है।
● निर्वात में सभी वस्तुएं समान त्वरण से गिरती है।
● किसी माध्यम के प्रतिरोध की अनुपस्थिति में वस्तुओं के गिरने की गति को मुक्त पतन(free fall) कहते हैं।
● जिस बल के कारण वस्तुएं एक दूसरे को आकर्षित करती है, उसे गुरुत्वाकर्षण बल(gravitational force ) कहते हैं।
● ब्रह्मांड में प्रत्येक कन प्रत्येक दूसरे कान को एक बार से आकर्षित करता है जिसका परिमाण कानों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है और उसके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इस बल की दिशा कणों को मिलाने वाली रेखा के अनुरेख होती है।
● जिस गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचता है उस वालों को उस वस्तु पर गुरुत्व बल(force of gravity)कहते हैं।
● पृथ्वी की सतह से ऊपर जाने पर g मान घटता है।
● दो वस्तुओं के द्रव्यमान की तुलना करने के लिए दंड तुला का उपयोग किया जाता है।
● वह बस जो सतह के लंबवत लगता है उसे प्रणोद(thrust) कहते हैं।
● किसी वस्तु के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर पड़ते हुए प्रणोद को उस सतह का दाव(pressure) कहते हैं।
●प्रति इकाई आयतन में उपस्थित द्रव्यमान को घनत्व कहते हैं इस का एस आई मात्रक kg|/m3 होता है।
● किसी माध्यम के प्रतिरोध की अनुपस्थिति में वस्तुओं के गिरने की गति को मुक्त पतन(free fall) कहते हैं।
● जिस बल के कारण वस्तुएं एक दूसरे को आकर्षित करती है, उसे गुरुत्वाकर्षण बल(gravitational force ) कहते हैं।
● ब्रह्मांड में प्रत्येक कन प्रत्येक दूसरे कान को एक बार से आकर्षित करता है जिसका परिमाण कानों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है और उसके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इस बल की दिशा कणों को मिलाने वाली रेखा के अनुरेख होती है।
● जिस गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचता है उस वालों को उस वस्तु पर गुरुत्व बल(force of gravity)कहते हैं।
● स्वतंत्रता पूर्वक गिरते हुए किसी वस्तु पर गुरुत्व बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होता है, उसे गुरुत्वत्वरण(acceleration due to gravity) कहते हैं।
● गुरुत्व त्वरण g का मान ध्रुवों(poles) पर अधिकतम तथा भूमध्य रेखा(equator)पर निम्नतम होता है।
● पृथ्वी की सतह से ऊपर जाने पर g मान घटता है।
● दो वस्तुओं के द्रव्यमान की तुलना करने के लिए दंड तुला का उपयोग किया जाता है।
● किसी संतुलित वस्तु का भार परिमाण में वस्तु पर लगते गुरुत्व बल के बराबर होता है।किसी वस्तु का भार कामिनीदार तुला से मापा जाता है।
● वह बस जो सतह के लंबवत लगता है उसे प्रणोद(thrust) कहते हैं।
● किसी वस्तु के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर पड़ते हुए प्रणोद को उस सतह का दाव(pressure) कहते हैं।
या
● प्रति इकाई क्षेत्रफल पर पड़ने वाले बल को दाव कहते हैं
● जब कोई वस्तु किसी द्रव या गैस में पूर्णतया या अंशतः डुबई जाती है तो उसके भार में अभासी कमी वस्तु के डूबे हुए भाग द्वारा हटाए गए द्रव या गैस के भार के बराबर होती है।इसे आर्कमिडीज का सिद्धांत कहते हैं।
● किसी पदार्थ के घनत्व एवं परमाण्विक पदार्थ के घनत्व के अनुपात को उस पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व(relative density)कहते हैं।
★ कुछ महत्वपूर्ण भौतिकीय सूत्र।
1. दुकानों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल F=Gm1 m2/ r2
r2 = का मतलब power 2
m1 , m2 = कणों का द्रव्यमान, r= उनके बीच की दूरी तथा G= गुरुत्वाकर्षण नियतांक=6.67×10 के पावर-11 Nm2/ kg2
2. गुरुत्व त्वरण (पृथ्वी की सतह पर)= g = GM/R2
R2 का मतलब और का पावर 2
जहां M=पृथ्वी का द्रव्यमान(6×10 के पावर 24kg)
R= पृथ्वी की त्रिज्या(6400km)
तथाG= गुरुत्वाकर्षण नियतांक=6.67×10 के पावर-11 Nm2/ kg2
3. वस्तु का भारw=mg,
m= वस्तु का द्रव्यमान तथा g= गुरुत्वीय त्वरण।
g=9.8m/s2


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